Press note/Photo file no-2 from DIPRO AMBALA Dated 17.06.2026
अम्बाला, 17 जून- अतिरिक्त उपायुक्त विराट की अध्यक्षता में आज उपायुक्त कार्यालय के सभागार में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश पुन: परीक्षा (नीट-यूजी 2026) के सफतापूर्वक आयोजन को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में परीक्षा से संबंधित सभी व्यवस्थाओं एवं तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई तथा सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
अतिरिक्त उपायुक्त विराट ने कहा कि 21 जून को आयोजित होने वाली नीट-यूजी पुन: परीक्षा के लिए जिला में सात परीक्षा केन्द्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें 2962 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा दोपहर 2 बजें शुरू होगी। इसलिए परिक्षार्थी समय से पहले परीक्षा केंद्र पर पंहुचे ताकि फ्रिस्किंग आदि में किसी भी प्रकार की कोई परेशानी न हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा केन्द्रों पर सभी मूलभूत सुविधाएं जैसे पेयजल, शौचालय, व्हीलचेयर तथा अन्य सभी जरूरी व्यवस्थाएं बेहतर होनी चाहिए।
उन्होंने परीक्षा के दौरान किए जाने वाले सुरक्षा प्रबंधों की भी जानकारी ली और जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा को पारदर्शी, नकलरहित एवं सुरक्षित वातावरण में सफलतापूर्वक सम्पन्न करवाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी अधिकारी बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें।
बैठक में नगराधीश अभिषेक गर्ग, आरटीए सुशील कुमार, जिला समन्वयक अजीत यादव तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
फोटो नम्बर- 3
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पीएम राहत योजना को लेकर बैठक आयोजित
अम्बाला, 17 जून-
अतिरिक्त उपायुक्त विराट ने कहा कि पीएम राहत योजना केन्द्र सरकार की (सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय) की एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय योजना है, जिसका उद्देश्य सडक़ दुर्घटना के पीडि़तों को तुरंत कैशलेस चिकित्सा उपचार उपलब्ध करवाना हैं। अतिरिक्त उपायुक्त आज उपायुक्त कार्यालय में प्रधानमंत्री राहत योजना को लेकर संबंधित अधिकारियों की बैठक ले रहें थे।
इससे पहले केन्द्र सरकार के सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर ने वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से पीएम राहत योजना के क्रियांवन को लेकर देश के राज्यों के जिलों के उपायुक्तों एवं संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिएं। वीसी के दौरान अतिरिक्त उपायुक्त विराट ने मंत्रालय के सचिव को आश्वस्त किया कि इस योजना का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाएगा, वहीं वीसी में जो दिशा-निर्देश मिले है उनकी अनुपालना के तहत कार्यो को किया जाएगा।
वीसी के उपरान्त अतिरिक्त उपायुक्त ने बैठक में उपस्थित संबंधित विभागों के अधिकारियों को विशेषकर आरटीए सचिव को कहा कि वे अपने विभाग के माध्यम से कार्यक्रम एवं अन्य गतिविधियों के माध्यम से इस योजना का बारे आमजन को जानकारी उपलब्ध करवाएं ताकि लोगों को इस योजना के उद्देश्यों एवं लाभों के बारे में जानकारी मिल सकें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री राहत योजना भारत सरकार के सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा शुरू की गई एक राष्ट्रीय पहल है। जिसका उद्देश्य सडक़ दुर्घटना के पीडि़तों को तुरंत कैशलेस चिकित्सा उपचार उपलब्ध करवाना हैं। इस योजना के तहत प्रत्येक सडक़ दुर्घटना में प्रति व्यक्ति 1.5 लाख रूपयें तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध होता है। इस योजना के तहत दुर्घटना की तारीख से अधिकतम 7 दिनों की अवधि तक उपचार की सुविधा का प्रावधान है। यह योजना भारत की किसी भी सडक़ पर होने वाली दुर्घटना पर लागू होती है। इस योजना के अन्तर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग व शहर की सडक़ कैशलेस उपचार के लिए पीडि़त को दुर्घटना के 24 घंटे के भीतर सरकार द्वारा निर्धारित पैनल अस्पताल में भर्ती होना आवश्यक है। इसके अलावा आयुष्मान भारत (एबी पीएम-जेएवाई) के अंतर्गत सूचीबद्ध अस्पताल भी शामिल है। पीएम राहत योजना में तकनीक आधारित प्रणाली का उपयोग किया जाता है। जिसमें दुर्घटना की रिर्पोटिग से लेकर अंतिम भुगतान तक पूरी प्रक्रिया डिजिटल होती है।
इस मौके पर नगराधीश अभिषेक गर्ग, आरटीए सुशील कुमार, आईआरएडी से कर्ण जिन्दल के साथ-साथ अन्य अधिकारीगण मौजूद रहें।
फोटो नम्बर-9
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अम्बाला, 17 जून-
उप निदेशक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग डॉ जसविन्द्र सिंह सैनी ने बताया कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, अम्बाला एवं पशुपालन एवं डेयरी विभाग, अम्बाला के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को कृषि सदन, अम्बाला शहर में किसान यात्रा एवं पशुधन संवर्धन सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसानों एवं पशुपालकों ने बढ़-चढक़र भाग लिया और सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा जिला अध्यक्ष मनदीप सिंह राणा और मार्केट कमेटी के अध्यक्ष जसविंदर सिंह उपस्थित रहे।
उन्होंने कहा कि केंद्र एवं हरियाणा सरकार किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। कार्यक्रम में कृषि विभाग की ओर से डॉ. अंजली राणा एवं तकनीकी सहायक दीन दयाल शर्मा ने किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके साथ-साथ उन्होनें बताया कि रासायनिक खेती के स्थान पर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा प्राकृतिक खेती में उत्पादन लागत कम होती है, मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है तथा किसानों को सुरक्षित एवं स्वच्छ उत्पादन प्राप्त होता है।
पशुपालन एवं डेयरी विभाग की ओर से डीडीएएच डॉ. रणजीत सिंह, डॉ. सुदेश दहिया एवं डॉ. संजय गोयल ने किसानों को पशुपालन से संबंधित आधुनिक तकनीको, पशुओं की देखभाल, डेयरी विकास एवं पशुधन संवर्धन की विभिन्न योजनाओं बारे जानकारी दी। पशुपालकों को सरकार द्वारा प्रदान की जा रही सब्सिडी योजनाओं एवं अन्य सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान किसानों को कृषि एवं पशुपालन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, सरकारी अनुदानों (सब्सिडी), प्राकृतिक खेती, पशुधन विकास, डेयरी व्यवसाय तथा किसानों की आय बढ़ाने से संबंधित योजनाओं के बारे में जागरूक किया गया। उपस्थित अधिकारियों ने किसानों के प्रश्नों के उत्तर भी दिए और उन्हें योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
इसके उपरान्त किसानों एवं अधिकारियों द्वारा किसान पद्यात्रा भी निकाली गई। इस पद्यात्रा का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक खेती, पशुधन संवर्धन तथा सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कृषि एवं पशुपालन योजनाओं के प्रति जागरूक करना रहा। पद्यात्रा के दौरान किसानों को पर्यावरण संरक्षण, रसायन मुक्त खेती अपनाने तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग के लिए प्रेरित किया गया। वर्तमान किसानों ने इस पहल की सराहना करते हुए प्राकृतिक खेती एवं सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों में प्राकृतिक खेती के प्रसार एवं पशुपालन के लिए जागरूकता एवं प्रेरित करना हैं।
फोटो नम्बर- 4 से 8
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अतिरिक्त उपायुक्त विराट ने कहा कि 21 जून को आयोजित होने वाली नीट-यूजी पुन: परीक्षा के लिए जिला में सात परीक्षा केन्द्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें 2962 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा दोपहर 2 बजें शुरू होगी। इसलिए परिक्षार्थी समय से पहले परीक्षा केंद्र पर पंहुचे ताकि फ्रिस्किंग आदि में किसी भी प्रकार की कोई परेशानी न हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा केन्द्रों पर सभी मूलभूत सुविधाएं जैसे पेयजल, शौचालय, व्हीलचेयर तथा अन्य सभी जरूरी व्यवस्थाएं बेहतर होनी चाहिए।
उन्होंने परीक्षा के दौरान किए जाने वाले सुरक्षा प्रबंधों की भी जानकारी ली और जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा को पारदर्शी, नकलरहित एवं सुरक्षित वातावरण में सफलतापूर्वक सम्पन्न करवाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी अधिकारी बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें।
बैठक में नगराधीश अभिषेक गर्ग, आरटीए सुशील कुमार, जिला समन्वयक अजीत यादव तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
फोटो नम्बर- 3
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पीएम राहत योजना को लेकर बैठक आयोजित
अम्बाला, 17 जून-
अतिरिक्त उपायुक्त विराट ने कहा कि पीएम राहत योजना केन्द्र सरकार की (सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय) की एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय योजना है, जिसका उद्देश्य सडक़ दुर्घटना के पीडि़तों को तुरंत कैशलेस चिकित्सा उपचार उपलब्ध करवाना हैं। अतिरिक्त उपायुक्त आज उपायुक्त कार्यालय में प्रधानमंत्री राहत योजना को लेकर संबंधित अधिकारियों की बैठक ले रहें थे।
इससे पहले केन्द्र सरकार के सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर ने वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से पीएम राहत योजना के क्रियांवन को लेकर देश के राज्यों के जिलों के उपायुक्तों एवं संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिएं। वीसी के दौरान अतिरिक्त उपायुक्त विराट ने मंत्रालय के सचिव को आश्वस्त किया कि इस योजना का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाएगा, वहीं वीसी में जो दिशा-निर्देश मिले है उनकी अनुपालना के तहत कार्यो को किया जाएगा।
वीसी के उपरान्त अतिरिक्त उपायुक्त ने बैठक में उपस्थित संबंधित विभागों के अधिकारियों को विशेषकर आरटीए सचिव को कहा कि वे अपने विभाग के माध्यम से कार्यक्रम एवं अन्य गतिविधियों के माध्यम से इस योजना का बारे आमजन को जानकारी उपलब्ध करवाएं ताकि लोगों को इस योजना के उद्देश्यों एवं लाभों के बारे में जानकारी मिल सकें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री राहत योजना भारत सरकार के सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा शुरू की गई एक राष्ट्रीय पहल है। जिसका उद्देश्य सडक़ दुर्घटना के पीडि़तों को तुरंत कैशलेस चिकित्सा उपचार उपलब्ध करवाना हैं। इस योजना के तहत प्रत्येक सडक़ दुर्घटना में प्रति व्यक्ति 1.5 लाख रूपयें तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध होता है। इस योजना के तहत दुर्घटना की तारीख से अधिकतम 7 दिनों की अवधि तक उपचार की सुविधा का प्रावधान है। यह योजना भारत की किसी भी सडक़ पर होने वाली दुर्घटना पर लागू होती है। इस योजना के अन्तर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग व शहर की सडक़ कैशलेस उपचार के लिए पीडि़त को दुर्घटना के 24 घंटे के भीतर सरकार द्वारा निर्धारित पैनल अस्पताल में भर्ती होना आवश्यक है। इसके अलावा आयुष्मान भारत (एबी पीएम-जेएवाई) के अंतर्गत सूचीबद्ध अस्पताल भी शामिल है। पीएम राहत योजना में तकनीक आधारित प्रणाली का उपयोग किया जाता है। जिसमें दुर्घटना की रिर्पोटिग से लेकर अंतिम भुगतान तक पूरी प्रक्रिया डिजिटल होती है।
इस मौके पर नगराधीश अभिषेक गर्ग, आरटीए सुशील कुमार, आईआरएडी से कर्ण जिन्दल के साथ-साथ अन्य अधिकारीगण मौजूद रहें।
फोटो नम्बर-9
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अम्बाला, 17 जून-
उप निदेशक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग डॉ जसविन्द्र सिंह सैनी ने बताया कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, अम्बाला एवं पशुपालन एवं डेयरी विभाग, अम्बाला के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को कृषि सदन, अम्बाला शहर में किसान यात्रा एवं पशुधन संवर्धन सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसानों एवं पशुपालकों ने बढ़-चढक़र भाग लिया और सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा जिला अध्यक्ष मनदीप सिंह राणा और मार्केट कमेटी के अध्यक्ष जसविंदर सिंह उपस्थित रहे।
उन्होंने कहा कि केंद्र एवं हरियाणा सरकार किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। कार्यक्रम में कृषि विभाग की ओर से डॉ. अंजली राणा एवं तकनीकी सहायक दीन दयाल शर्मा ने किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके साथ-साथ उन्होनें बताया कि रासायनिक खेती के स्थान पर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा प्राकृतिक खेती में उत्पादन लागत कम होती है, मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है तथा किसानों को सुरक्षित एवं स्वच्छ उत्पादन प्राप्त होता है।
पशुपालन एवं डेयरी विभाग की ओर से डीडीएएच डॉ. रणजीत सिंह, डॉ. सुदेश दहिया एवं डॉ. संजय गोयल ने किसानों को पशुपालन से संबंधित आधुनिक तकनीको, पशुओं की देखभाल, डेयरी विकास एवं पशुधन संवर्धन की विभिन्न योजनाओं बारे जानकारी दी। पशुपालकों को सरकार द्वारा प्रदान की जा रही सब्सिडी योजनाओं एवं अन्य सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान किसानों को कृषि एवं पशुपालन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, सरकारी अनुदानों (सब्सिडी), प्राकृतिक खेती, पशुधन विकास, डेयरी व्यवसाय तथा किसानों की आय बढ़ाने से संबंधित योजनाओं के बारे में जागरूक किया गया। उपस्थित अधिकारियों ने किसानों के प्रश्नों के उत्तर भी दिए और उन्हें योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
इसके उपरान्त किसानों एवं अधिकारियों द्वारा किसान पद्यात्रा भी निकाली गई। इस पद्यात्रा का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक खेती, पशुधन संवर्धन तथा सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कृषि एवं पशुपालन योजनाओं के प्रति जागरूक करना रहा। पद्यात्रा के दौरान किसानों को पर्यावरण संरक्षण, रसायन मुक्त खेती अपनाने तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग के लिए प्रेरित किया गया। वर्तमान किसानों ने इस पहल की सराहना करते हुए प्राकृतिक खेती एवं सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों में प्राकृतिक खेती के प्रसार एवं पशुपालन के लिए जागरूकता एवं प्रेरित करना हैं।
फोटो नम्बर- 4 से 8
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